The Family Man Season 3 Review: देश और फ़ैमिली दोनों का गेम ऑन

The Family Man Season 3 Review: देश और फ़ैमिली दोनों का गेम ऑन

द फैमिली मैन सीज़न 3 की हिंदी में समीक्षा:

ओटीटी प्लेटफॉर्म:

अमेज़ॅन प्राइम वीडियो, निर्देशक: राज और डीके, मुख्य कलाकार: मनोज बाजपेई, शरद केलकर, प्रियामणि, दलीप ताहिल, और नए खलनायक केदार।

द फैमिली मैन के पहले दो सीज़न में भारतीय ओट दुनिया में एक बड़ा स्टैंडर्ड सेट कर दिया था- शानदार एक्शन, इमोशन और शानदार थ्रिलर। ISI वजह से फैन्स काई सैलून से सीजन 3 का। लेकिन अब जब यह सीजन आ गया है तो साफ है – राज और डीके ने इस बार स्टार्स और भी बढ़ा दिया था। यह कहानी सिर्फ भारत की निचले स्तर के खुफिया ऑपरेशन तक सिमित नहीं है, बाल्की इसमे वरिष्ठ स्तर की राजनीतिक, और श्रीलंका की निजी जिंदगी का इमोशन शेयर इसमें शामिल किया गया है।

कहानी:

इस बार खेल काफी बड़ा है। सीज़न 3 की कहानी सीज़न 2 के और पर दिए गए प्रोजेक्ट गोवा यू वाले टीचर से शुरू होती है। चीन की तरफ से भारत के खिलाफ एक साइबर बायोलॉजिकल स्ट्रेटजी तयार कर रही है। यह साजिश है कि उत्तर पूर्व भारत के छोटे शहरों से लेकर दिल्ली तक की सत्ता सरकार तक पहुंचा दी गई है।

1.चिन का रेड कॉरिडोर 2.0 योजना: इस बार ऊनी सिर्फ एक गैंग या अतंकी गठन नहीं है, बल्की एक ख़तरनाक। कहानी एक बारे में जिओ पॉलिटिकल गेम पर आधारित है। जहां चिन भारत में इशिता पेदा करने के लिए नॉर्थ ईस्ट में (उग्रवाद) बहुत ज्यादा बढ़ना चाहता है, एक साइबर अटैक तैयार कर रहा है, और उसके साथ एक नए प्रकार का वायरस भी आईएसआई में मिला रहा है, जिस भारत की अर्थव्यवस्था सुरक्षा और सामाजिक संरचना बहुत ज्यादा कमजोर हो जाएगी। ये है चीन का ख़तरनाक प्लान.

2.TASC की टीम नई चुनौती के सामने: भारत से दूर श्रीलंका अपनी नौकरी से थोड़ा थक चुका है। वह खुद को साधारण परिवार वाला आदमी साबित करना चाहता है, लेकिन फिर भी हालत उसे वापस देश बचाने के लिए मिशन में वापस लाता है। टीम में- जेके तालपुरे हमेशा की तरह बहुत ही ज्यादा गर्माहट लाते हैं।

3.श्रीलंका में फैमिली नाटक: सीजन 3 में फैमिली ट्रिक बहुत ही ज्यादा शानदार है। सूची और श्रीकांत के बीच तनाव अभी भी वैसे ही बना हुआ है, जैसे पहले था। रिया और अथर्व अब बड़े हो गए हैं और उनकी खुद की भी परेशानियां बहुत ज्यादा हैं। पिता होने और एक एजेंट होने के बीच श्रीकांत हमेशा की तरह सीजन 3 में भी फंसा हुआ है। आईएसआई इमोशनल में इस सीजन की असली खूबसूरती छिपी हुई है।

कार्रवाई:

ये गोलीबारी नहीं बल्की दिमाग का गेम है। फैमिली मैन का यूएसपी सिर्फ गनफाइट्स नहीं है, बल्की हाई टेक्निकल ऑपरेशन होते हैं। सीज़न 3 में: साइबर अटैक वाला ट्रैक, और सीमा पर घुसपैठ के दृश्य, इनमें बहुत असली जैसा तारिका से शूट किया गया है। काई जगह पर एक्शन हॉलीवुड लेवल का फील भी आप लोगों को देखने को मिलेगा।

सीज़न 3 सबसे अच्छा देखा गया।

1. श्रीकांत और सुचि की इमोशनल लड़ाई, सीज़न का सबसे मार्मिक हिस्सा, डोनॉन की परफॉर्मेंस 10/10।

2. उत्तर पूर्व का जंगल मामला, एकदम सिनेटेटिक लगता है।

3. साइबर अटैक सीक्वेंस, जिसमें दिल्ली और अन्या बहुत बड़े-बड़े शहरों में दहशत फैलती है, बहुत तीव्र है।

4. जेके का एक इमोशन मोमेंट.5. मनोज बाजपेई का कार्मिक और भी बेहद सच्चा लगता है।

दिशा (Direction):

राज और DK की स्टोरी टेलिंग ने एफआईआर मचा दिया धमाल। जी हां दोस्त राज और डीके की सबसे बड़ी यही तो ताकत है। कहानी कहने का संतुलन. एक तरफ हाई लेवल की राजनीति भी है, दूसरी तरफ मध्यम वर्ग की हताशा, एक तरफ 100 करोड़ से ज्यादा लोगों की सुरक्षा है, दूसरी तरफ बच्चे में पीटीएम में मजा है बवाल। आईएसआई मजबूत संतुलन की वजह से डी परिवार में दूसरे थ्रिलर शो में अलग दिखती है। इसीलिये यह सुपर डुपर हिट साबित हुआ है।

सीजन 3 क्यों सबका खास है?

जी हां दोस्तों यहां दुनिया की सबसे ग्राउंड स्पाई थीलर में से एक बन गई है, यहां कोई सुपर हीरो नहीं सिर्फ मेहनत, दिमाग, और रेड वर्ल्ड चैलेंज दिखता है। डोनोन विशेषता समान मजबूत है। मनोज बाजपेई का कैरियर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, उनके एक एक्सप्रेशन में भी पूरी इमोशन ही जाती है। चीन संघर्ष, वायरस का खतरा, और उग्रवाद को बिना प्रोपेगेंडा बनाए बहुत स्मार्ट तरीके से दिखाया गया है। इसलिए सीजन 3 बहुत ही ज्यादा खास है और देखना भी चाहिए।

देखे या नहीं देखे सीजन 3:

द फैमिली मैन सीजन 3 एक दमदार बुद्धिमाता पूर्व और रव थ्रिलर फिल्म है। जिसमें देश भक्ति, परिवार, इमोशन, एक्शन, राजनीति सब का परफेक्ट मिश्रण यानी मिली जूली है। मनोज बाजपेयी का ये सबसे बेहतर सीजन में से एक कहा जाता है। अगर आप रियल वर्ल्ड इंटेलिजेंस ऑपरेशंस के ग्राउंडेड एक्शन के फैन हैं तो आप सीजन 3 अपने उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। इसलिए आपको ये फिल्म देखनी चाहिए। हां फिल्म में देश भक्ति तो कूट-कूट कर भरा हुआ है।

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