De De Pyaar De 2 Review: डबल एंटरटेनमेंट के साथ रोमांस की वापसी

De De Pyaar De 2 Review: डबल एंटरटेनमेंट के साथ रोमांस की वापसी

De De Pyaar De 2 Review In Hindi:

दे दे प्यार दे 2 पहली फिल्म की सफलता के बाद बनी एक रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें रिश्तों की उलझनों को मजेदार, इमोशनल और हल्के फुल्के अंदाज़ में दिखाया गया है। पहली फिल्म बहुत ही अच्छा खासा सुपर डुपर हिट थी। और पहली ही फिल्म जहाँ उम्र के फासले और रिश्तों पर बनी थी। वही दूसरी उसी कहानी को आगे बढ़ाते हुए और भी अंदर गया है और भावनात्मक स्टार पर यह फिल्म ले गया है। पहली बार की कहानी से इस बार की कहानी आगे से शुरू होती है। अश्विन यानी (अजय देवगन), आयशा यानी (रकुल प्रीति सिंह), के बीच लंबे समय से अधूरे बाइट, गलतफहमियों और रिश्तों को कई घंटे बाकी हैं। दे दे प्यार दे2″ में पिछले मुद्दे को आज के समय की सोच के साथ फिर से खोलती है।

कहानी:

इस मूवी की कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहाँ से पिछला भाग खत्म हुआ था। अजय देवगन यानी अश्विन अब आयशा के साथ एक स्थिति रिश्ते में है, लेकिन अपनी एक्स पत्नी मंजू और बच्चों के साथ संबंध पहले जैसे नहीं है। हलंकी वह कोशिश करता है कि सब अच्छे से रहे, लेकिन परिवार के बीच वही पुरानी दूरी फिर से सामने आने लगती है। फिल्म की शुरुआत 25 से 30 मिनट बहुत हल्के-हल्के लगते हैं। आयशा अब करियर में सफल है। और वह चाहती है कि अश्विन उसके साथ एक शहर में शिफ्ट हो जाए और नई जिंदगी जिए। वही दूसरी तरफ मंजू यह नहीं चाहती है। मंजू के मन में है कि अपने बच्चे के भविष्य को लेकर निर्णय लेने की जिसमें कहीं न कहीं अश्विन की उपस्थिति ज़रूरी है।

यहीं से शुरू होती है फिल्म की असली लड़ाई। एक आदमी को दो रिश्ते में रहना होगा लेकिन यह कैसे रहेगा आगे चलिये सब कुछ बताऊंगा। पुराना परिवार और नया परिवार अपने-अपने तरीके से जिंदगी का अहम हिस्सा है। इस बार कहानी ज्यादा मजेदार और इमोशनल होने वाला है। फिल्म में काई बार ऐसे संवाद आएंगे जो दर्शक को सोचने पर मजबूर कर देंगे कि आखिर यहां क्या हो रहा है।

ड्रामा और इमोशनल: फिल्म का सच्चा दिल। फिल्म का बिछना हिसा सबसे ज्यादा इमोशनल होने वाला है। ऐसा लगता है कि अश्विन अभी भी अपने परिवार के बीच उलझा हुआ है। मंजू को लगता है कि ऐसा कि वजह से उसका परिवार टूट गया है। और अश्विन इन दोनों के बीच ठीक करने की कोशिश में खुद थक जाता है। लेकिन ये डोनन समझ नहीं पाती है कि आख़िर अश्विन हम डोनन को सही से रहने का सलाह दे रहे हैं। फिल्म दिखती है कि रिश्ते सिर्फ प्यार से नहीं चलते बाल्की समझदारी, और इमानदारी से भी चलती है।

कॉमेडी और मनोरंजन:

या फिर मैं तो कॉमेडी भरपूर मात्रा में मिलेगा। जी हाँ दोस्तों क्योंकि यह एक रोमांटिक कॉमेडी मूवी है, इसलिए फिल्मों में कई मजेदार हल्के पल भी मिलेंगे। जहाँ खास कर अजय देवगन और जावेद जाफरी के बीच होने वाले सीन दर्शक को बहुत ज्यादा हँसाएगा। अश्विन का अपने बच्चों के साथ असहज रिश्ता। ऐसा का मंजू से समझाने की कोशिश। दोनों महिलाओं को कभी-कभी साथ में मजेदार बातचीत। यह सब फिल्म को और ही ज्यादा दिलचस्प बना देते हैं। कॉमेडी कहीं भी जबरदस्ती आपको देखने को नहीं लगेगी, बाल्की उपस्थिति के हिसाब से स्वाभाविक रूप से आती और जाति नजर आएगी।

अभिनय प्रदर्शन:

जी हां दोस्तों अजय देवगन का प्रदर्शन हमेशा की तरह सुपरहिट हो रहा है। वाह एक ऐसा पिता, प्रेमी और पति की भूमिका निभाते हैं जो सबको खुश कर देते हैं और बीच-बीच में खुद को खोज देते हैं। उनका इमोशनल एक्टिंग फिल्म को और ही ज्यादा गंभीर तक ले जाती है। अगर बात करें दोस्तो रकुल प्रीत सिंह का तो रकुल प्रीत सिंह इस बार और ही ज्यादा मजबूत दिखा है। वाह फिल्म में सिर्फ यंग गर्लफ्रेंड नहीं, बल्कि सोच रखने वाली आत्मनिर्भर महिला के रूप में नजर आती है। अगर बात करें दोस्तों तब यानी (मंजू) का तो तब्बू हमेशा की तरह गजब का है। जी हां दोस्तों उसका हर सीन शानदार है- इमोशनल, और गुस्सा हो, या समझदारी भारी बातें करती है। फिल्म का सबसे बेहतर हिसा अश्विन और मंजू के बीच की बैचिट वाले में देखा गया आप लोगों को बेहद ही ज्यादा पसंद आएगा।

निर्देश (Direction):

निर्देशक ने इस बार फिल्म को बहुत ही ज्यादा मजबूत यानी रियल रूप में दिखाया है। फिल्म की गति थोड़ी धीमी है, लेकिन भावना की दृष्टि मजबूत रखने के लिए यह बहुत ही ज्यादा जरूरी था। कहानी में बहुत बार ऐसा लगता है कि यह आम परिवार की समस्या है – नई शादी या नया रिश्ता.v पुराने रिश्तों का बोझ। बच्चों की सोच. समाज का दबाव. निर्देशक इन सभी मुद्दों को बिना भारीपन के बड़े सहज अंदाज में दिखाया गया है।

संगीत और बैकग्राउंड स्कोर:

फिल्म में ज़्यादा नहीं मात्रा तीन से चार गाने हैं। एक रोमांटिक गाना आयशा और अश्विन पर फिल्माया गया है, जो बहुत ही ज़्यादा अति सुंदर है। एक इमोशनल गाना मंजू के करियर पर गाया गया है, जो दर्शकों का दिल छू लेता है। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को अच्छा बनाता है। इस फिल्म में बैकग्राउंड वाकई लाजवाब का है।

देखें या नहीं देखें:

यह फिल्म किसे देखनी चाहिए। जी हाँ दोस्तों अगर आप रोमांस और कॉमेडी पसंद करने वाले हैं तो यह फिल्म ज़रूर देखें। और फैमिली ड्रामा देखने के लिए चाहते हैं, अजय और तब्बू की केमिस्ट्री पसंद करते हैं, रिलेशनशिप पर आधारित फिल्म को काफी ज़्यादा देखते हैं, और अगर आप अजय देवगन को अपना पसंदीदा हीरो मानते हैं तो यह फिल्म आपको ज़रूर देखनी चाहिए।

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ (4/5)
देखने लायक: हां, जरूर देखें — खासकर परिवार और पार्टनर के साथ।

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